पीलीभीत:- माह में ईद-उल-फितर, राम नवमी, महावीर जयंती एवं आगामी माह में गुड फ्राईडे, डा० भीमराव अम्बेडकर जी का जन्म दिवस, बुद्धपूर्णिमा एवं शाहजी मियां का उर्स आदि पर्व तथा प्रतियोगी परीक्षायें सम्पन्न होना है। विभिन्न माध्यमों से सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं कि कतिपय संगठन अपने निहित स्वार्थो की पूर्ति के लिये अराजक/असमाजिक तत्वों के सहयोग से समाज में विभिन्न जातियों, सम्प्रदायों तथा जन सामान्य के मध्य वैमनस्य द्वेष व दुर्भावना का वातावरण उत्पन्न करने का प्रयास कर सकते है और लोक प्रशान्ति विक्षुब्ध करने हेतु प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से संलिप्त हो सकते है। उपरोक्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुये ज्ञानेन्द्र सिंह, जिला मजिस्ट्रेट ने जनपद में धारा 163 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) लागू कर दी है। जो तत्काल प्रभाव से लागू होंगी तथा यदि इन्हें संशोधित नहीं किया जाता है या वापस न लिया जाये तो दिनांक 03.05.2026 तक यथावत लागू रहेंगी।
कोई भी व्यक्ति उक्त अवधि में लाठी, डंडा बन्दूक, रिवाल्वर/पिस्टल अन्य आग्नेयास्त्र तलवार, 04 इंच से अधिक फलवाला चाकू आदि लेकर नही चलेगा और नही ऐसा प्रदर्शन करेगा। राज्य कर्मचारी जिनको अपने शासकीय कर्तव्य हेतु हथियार की आवश्यकता हो को छोड़कर अन्य व्यक्ति उक्त हथियार सार्वजनिक स्थान या मार्ग पर लेकर नहीं चलेंगे। अन्धे और कमजोर व्यक्ति के सहारे के लिए डन्डा व सिक्खों को कृपाण लेकर चलने की अनुमति होगी। किसी सार्वजनिक स्थानों पर पांच या पांच से अधिक व्यक्ति बिना अनुमति के एकत्रित नही होगें। यह प्रतिबन्ध सरकारी कार्य के सम्बन्ध में एकत्रित कर्मचारियों/व्यक्तियों पर लागू नहीं होगा। किसी भी सार्वजनिक स्थान पर सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त किये बिना जलसा, जूलुस, जनसभा आदि का आयोजन नहीं किया जायेगा। किसी भी जुलूस/समारोह एवं किसी भी धार्मिक स्थल पर किसी प्रकार की कोई नई परम्परा नहीं डाली जायेगी। कोई भी व्यक्ति बिना लाइसेन्स तेजाब या अन्य विस्फोटक सामग्री एवं शीशे के टुकडे, ईंट,पत्थर आदि अपने घरों के सामने सार्वजनिक स्थानों या छतों पर हिंसा के उद्देश्य से संग्रहित नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति लाउडस्पीकर, अथवा ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग बिना समक्ष अधिकारी की अनुमति के नही करेगा और न ही कोई व्यक्ति तेज आवाज वाले पटाखें आदि का इस्तेमाल करेगा। कोई भी व्यक्ति ऐसा कोई लेख, पोस्टर आदि नही छपवायेगा और न ही ऐसा भाषण जिससे सामाजिक विद्वेष उत्पन्न हों अथवा किसी भी समुदाय की भावना को ठेस पहुंचे। किसी भी धार्मिक एवं ऐतिहासिक महापुरूष के विरूद्ध कोई ऐसी बात नहीं कहेगा या करेगा जिससे दूसरे वर्ग के व्यक्तियों को ठेस पहुंचे। कोई भी व्यक्ति न तो किसी प्रकार की अफवाह फैलायेगा न हीं दूसरों को अफवाहें फैलाने हेतु प्रेरित करेगा।
कोई भी व्यक्ति नशे की हालत में सार्वजनिक स्थान पर नही घूमेगा। कोई भी व्यक्ति सरकारी सम्पत्ति को न तो किसी प्रकार की क्षति पहुंचायेगा और न ही क्षति पहुंचाने का प्रयास करेगा। कोई भी व्यक्ति भवन स्वामी की अनुमति के बिना उसके भवन दीवार अथवा अन्य स्थान पर पोस्टर, हैण्ड बिल नहीं चिपकायेगा और न हीं होर्डिंग व कटआउट लगायेगा और न हीं बिना भवन स्वामी की अनुमति के दीवारों पर प्रचार लेख करायेगा। सरकारी/अर्द्धसरकारी, स्थानीय निकायों के भवनों एवं सड़कों तथा अन्य सार्वजनिक प्रतिष्ठानों के विषय में भी यही आदेश लागू होगें।
किसी भी व्यक्ति/नव युवक द्वारा मोटर साइकिल आदि पर सवार होकर हुड़दंग करते हुये मार्ग/यातायात वाधित नही करेगा। कोई भी व्यक्ति उत्तेजक नारे या बयानबाजी नहीं करेगा, जिससे दूसरे सम्प्रदाय या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचे। लाउडस्पीकर या पब्लिक एडरस सिस्टम का प्रयोग बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के नही होगा। इसका प्रयोग रात्रि 10ः00 बजे से प्रातः 06ः00 बजे के मध्य नही होगा। किसी भी चिकित्सालय, शैक्षिक संस्था तथा मा० न्यायलय का 100 मीटर का क्षेत्र शान्त रहेगा। बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के ड्रोन का उड़ान प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई व्यक्ति इस आदेश के अन्तर्गत छूट चाहता है तो वह जिला मजिस्ट्रेट, नगर मजिस्ट्रेट या सम्बन्धित परगना मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर सकता है, जिस पर सम्यक विचारोपरांत यथोचित आदेश पारित किये जायेंगे। यह आदेश दिनांक 07.03.2026 से 03.05.2026 तक पूरे जनपद पीलीभीत में प्रभावी रहेगा। इस आदेश अथवा इसके किसी अंश का उल्लघंन भारतीय न्यायिक संहिता की धारा-223 के अन्तर्गत दण्डनीयअपराध होगा।