JS News 24 / Thu, Jul 9, 2026 / Post views : 59
पीलीभीत:- राज्य स्तर से प्राप्त निर्देशों के क्रम में जनपद में आगामी 11 जुलाई से 18 जुलाई 2026 तक ‘विश्व जनसंख्या दिवस अभियान’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष अभियान का स्लोगन "जब बच्चों में हो सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल" तय किया गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. बी.सी. पंत ने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को पत्र जारी कर अभियान के सफल संचालन के निर्देश दिए हैं।
तैयारियों को लेकर हुई वर्चुअल बैठक
अभियान की रूपरेखा तय करने के लिए ब्लॉक प्रबंधन इकाई और स्वास्थ्य अधिकारियों की एक वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में नोडल अधिकारी (परिवार नियोजन) व उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. छत्रपाल सिंह ने अब तक की उपलब्धियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जनपद के प्रत्येक सामुदायिक चिकित्सालय में परिवार नियोजन से संबंधित विशेष स्टॉल लगाए जाएं, जहां आने वाले लोगों को सही परामर्श और निःशुल्क गर्भनिरोधक साधन उपलब्ध कराए जा सकें।
कुरीतियां दूर करेंगी आशा और एएनएम
जनपदीय परिवार नियोजन एवं लॉजिस्टिक प्रबंधक अमित शर्मा ने बताया कि ग्रामीण स्तर पर सीएचओ, एएनएम और आशा बहुओं द्वारा बैठकें आयोजित की जाएंगी। ये टीमें काउंसलिंग के माध्यम से ग्रामीणों के बीच परिवार नियोजन को लेकर व्याप्त भ्रांतियों और कुरीतियों को दूर करेंगी। साथ ही, लक्षित दंपत्तियों को 'बास्केट ऑफ च्वाइस' (परिवार नियोजन के विभिन्न विकल्पों) के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। अभियान की प्रतिदिन रिपोर्टिंग भी अनिवार्य की गई है।
स्कूल-कॉलेजों में होंगी प्रतियोगिताएं और रैलियां
विश्व जनसंख्या दिवस को लेकर जिलाधिकारी ने भी कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को निर्देशित किया है कि जनपद के सभी इंटरमीडिएट और डिग्री कॉलेजों में परिवार नियोजन विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता, जागरूकता रैलियां और अन्य ज्ञानवर्धक गतिविधियां आयोजित कराई जाएं, ताकि युवाओं को भी इस दिशा में जागरूक किया जा सके।
अभियान के मुख्य बिंदु और उद्देश्य:
घर-घर दस्तक: अभियान से पहले आशा बहनें क्षेत्र में भ्रमण कर परिवार नियोजन की सेवाएं लेने के इच्छुक दंपत्तियों को चिन्हित करेंगी।
निःशुल्क सेवाएं: चिन्हित दंपत्तियों को अभियान के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों पर पूरी तरह निःशुल्क सेवाएं दी जाएंगी।
जागरूकता पर जोर: कम उम्र में शादी न करने, दो बच्चों के जन्म के बीच सही अंतर रखने और प्रसव के बाद परिवार नियोजन के साधनों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
पुरुषों की भागीदारी: नसबंदी जैसे स्थायी साधनों को अपनाने के लिए महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों की सहभागिता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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