JS News 24 / Mon, Jul 20, 2026 / Post views : 400
पीलीभीत:- जनपद की अग्रणी सामाजिक संस्था कुर्मी महासभा, पीलीभीत ने प्रख्यात पर्यावरणविद, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा कथित रूप से अवैध हिरासत में रखे जाने पर गहरा रोष व्यक्त किया है। महासभा ने इस संबंध में महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी (DM) पीलीभीत के माध्यम से सौंपा।
जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई की घोर निंदा
ज्ञापन में महासभा के पदाधिकारियों ने बताया कि शिक्षा व परीक्षाओं में सुधार तथा छात्रों के बेहतर भविष्य की मांगों को लेकर पिछले 20 दिनों से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्वक भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को 18 जुलाई की रात दिल्ली पुलिस ने अलोकतांत्रिक और अमानवीय तरीके से जबरन हिरासत में ले लिया। कुर्मी महासभा ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है।
ज्ञापन में उठाई गईं प्रमुख मांगें:
सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई: चिकित्सा जांच के नाम पर कथित अवैध हिरासत में रखे गए सोनम वांगचुक को तुरंत मुक्त किया जाए, ताकि वे अपने निजी डॉक्टर से परामर्श ले सकें।
लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली: उन्हें अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए संसद तक शांतिपूर्ण विरोध मार्च में भाग लेने की अनुमति दी जाए।
शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी: लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों की नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल उनके पद से बर्खास्त किया जाए।
विरोध प्रदर्शन में प्रमुख रूप से रहे मौजूद
इस दौरान कुर्मी महासभा के जिलाध्यक्ष महेश पटेल, जिला उपाध्यक्ष राम प्रताप गंगवार, पूर्व ब्लॉक प्रमुख रत्नेश गंगवार, अपना दल (कमेरावादी) के जिलाध्यक्ष प्रेम सागर पटेल, शिव कुमार पटेल, लाजपतराय उर्फ लालू, डॉ. दुष्यंत गंगवार और हरिओम गंगवार सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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