05 Oct 2026
Breaking News Exclusive
खकरा नदी किनारे केजीएन 2 कॉलोनी में प्रशासन की कार्रवाई, रोता-बिलखता रहा परिवार भाजपा चेयरमैन श्याम बिहारी भोजवाल गिरफ्तार बीसलपुर में 'ओपन माइक' का आयोजन आज, स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार ग्रामीण की दर्दनाक मौत, परिवार में मचा कोहराम कटना नदी में छलांग लगाने वाले विकास का शव मिला, कैलास सक्सेना की तलाश जारी ग्रामीणों की परेशानी देख डॉ. रत्नेश गंगवार ने कराया रास्ता दुरुस्त, विद्यार्थियों व राहगीरों को मिली बड़ी राहत नदियों में डूबे दो ग्रामीण, प्रशासन का सर्च अभियान जारी शिक्षक सम्मान समारोह एवं चिंतन गोष्ठी में उमड़ा जनसैलाब डियूनी डैम से 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से दर्जनों गांवों में बढ़ा बाढ़ का खतरा ईद-ए-मिलादुन्नबी के मौके पर डॉ रत्नेश गंगवार ने की जायरीन की खिदमत

पीड़ित ने लगाया बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप : खकरा नदी किनारे केजीएन 2 कॉलोनी में प्रशासन की कार्रवाई, रोता-बिलखता रहा परिवार

Share:

पीलीभीत:- खकरा नदी किनारे अवैध रूप से बसाई जा रही कॉलोनियों में जमीन की खरीद-फरोख्त अब गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए आंसुओं का सबब बनती जा रही है। शहर की केजीएन-2 कॉलोनी में कर्ज और मेहनत की कमाई से तैयार एक गरीब का आशियाना प्रशासन के बुलडोजर ने एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के नियमों का हवाला देकर मिनटों में ध्वस्त कर दिया। मकान ढहाए जाने के दौरान पीड़ित परिवार बिलख-बिलख कर रोता रहा।

पीड़ित जियाउद्दीन ने आरोप लगाया कि उसने समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव एवं कॉलोनाइजर नफीस अंसारी से केजीएन-2 कॉलोनी में प्लॉट खरीदा था। मकान खड़ा करने के लिए उसने बैंक से लोन लिया था। आर्थिक तंगी के कारण घर के पुरुषों के साथ महिलाओं और बच्चों ने भी मजदूरी करके एक-एक ईंट जोड़ी थी। मकान लगभग बनकर तैयार ही हुआ था कि सिटी मजिस्ट्रेट की टीम ने बिना किसी पूर्व नोटिस के उसे बुलडोजर से जमींदोज कर दिया।

Advertisement

पीड़ित परिवार ने सवाल उठाया कि यदि नदी किनारे निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित था, तो कॉलोनाइजर ने नियमों को छिपाकर उन्हें यह भूखंड क्यों बेचा?

राजनीतिक षड्यंत्र बनाम प्रशासनिक कार्रवाई

मामले में सिटी मजिस्ट्रेट प्यारेलाल मौर्य का कहना है कि खकरा नदी के प्रतिबंधित दायरे (नो-कंस्ट्रक्शन जोन) में निर्माण किए जाने के कारण एनजीटी के निर्देशों के तहत यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध रूप से प्लॉटिंग करने और बेचने वाले कॉलोनाइजर के खिलाफ भी जल्द ही वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

वहीं दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव व कॉलोनाइजर नफीस अंसारी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि वे सक्रिय राजनीति में हैं, इसलिए राजनीतिक दबाव बनाने और छवि धूमिल करने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई की जा रही है।

उठ रहे गंभीर सवाल

इस घटना के बाद शहर में प्रशासनिक प्रणाली पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब खकरा नदी के किनारे प्लॉटिंग और निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है, तो कॉलोनाइजर बेखौफ होकर जमीन कैसे बेच रहे हैं? शुरुआती दौर में ही इस अवैध धंधे पर रोक क्यों नहीं लगाई जाती? प्रशासन की देर से जागी नींद का खामियाजा उन मासूम लोगों को भुगतना पड़ रहा है, जिनकी जिंदगी भर की जमा-पूंजी और आशियाने का सपना ध्वस्त हो चुका है।

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement