JS News 24 / Fri, Feb 20, 2026 / Post views : 1353
पीलीभीत:- उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही आज भी 130 विधानसभा में पूर्व मंत्री रहे बाबू तेज बहादुर गंगवार को याद किया जाता है उनके राजनीतिक सफर के दौरान इस विधानसभा को जो उपलब्धियां मिली उन का आज तक गुणगान होता है। उनके राजनीतिक सफर के बाद इस विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य तो हुए लेकिन ऐसे नहीं हुए कि उनकी याद न आए। लेकिन 2027 विधानसभा चुनाव राजनितिज्ञो के अनुसार इस लिए अहम माना जा रहा है कि भाजपा से विधायक और मंत्री रहे अगयस रामसरन वर्मा ने अपने बेटे को राजनीतिक विरासत सौप दी है और बसपा के कद्दावर विधायक और मंत्री रहे फूल बाबू ने समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं।
बाबू तेज बहादुर गंगवार का राजनीतिक सफर
बाबू तेज बहादुर गंगवार ने गांव के सरपंच की जीत से अपनी राजनीति शुरू कि जिसके बाद वह बिलसंडा ब्लाक के पहले ब्लाक प्रमुख अध्यक्ष बने और और 1969 में पहली बार चौधरी चरण सिंह कि पार्टी बीकेडी से विधायक बने जिसके बाद 1974 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस पार्टी से लड़ा और जीते 1977 का चुनाव हारे 1980 में फिर जीते और 1985 में फिर जीते और लोक निर्माण मंत्री बने जिसके बाद चुनाव लड़ें और हार का सामना करना पड़ा 2002 का चुनाव उनका आखिरी चुनाव हुआ 2005 में बाबू जी का निधन हो गया।
उनके राजनीतिक समय कि अगर बात करें तो उनके द्वारा विधानसभा के लिए राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सहकारी चीनी मिल, कृषि उत्पादन मंडी समिति, जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान सहित बीसलपुर से बरेली की राह को सुगम बनाने के लिए देवाह पुल सहित कई योजनाएं लाए जिसकी आज भी सराहना होती है। उनके बाद रहे विधायक और मंत्रीयो ने भी विकास कार्य किए लेकिन उनके किए कार्यों के आगे वह कम प्रचलित कार्य हुए।
रामसरन वर्मा और फूल बाबू का राजनीतिक सफर
वर्तमान 130 विधानसभा से रामसरन वर्मा भाजपा से पहली बार 1991 में विधायक बने और उसके बाद 1993, 2012, 2017 में विधायक बने और मंत्री भी रहे वहीं बसपा से अनीस अहमद खां उर्फ फूल बाबू 1996, 2002, 2007 में विधायक बने और मंत्री रहे वर्तमान समय में भाजपा के विवेक वर्मा विधायक हैं।
130 विधानसभा में विधायक और मंत्री रहे रामसरन वर्मा और फूल बाबू के द्वारा किए गए विकास कार्यों की बात करें तो इनके राजनीतिक सफर के दौरान सड़कों, पुलों सहित अहम कार्य हुए हैं दोनों ने अपनी अपनी जगह अच्छा कार्य किया। और लम्बे समय तक दोनों ने वर्तमान 130 विधानसभा पर राज किया है।
आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर जनता कि राय
130 विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में इस समय यह चर्चा आम है कि फूल बाबू के समाजवादी पार्टी में जाने के बाद से पार्टी कि स्थिति मजबूत हो गई है वहीं अगर जातिगत आंकड़ों की बात करें तो इस विधानसभा को कुर्मी बाहुल्य कहा जाता था लेकिन वर्तमान समय में यहां पर कुर्मी और लोध किसान के वोटों में कम मार्जिन है और तीसरे नंबर पर मुस्लिम जिसके बाद जाटव समाज कि गिनती आती है फिर अन्य जातियों में लाखों वोट मौजूद है। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के विवेक वर्मा को जीत मिली और दूसरे नंबर पर सपा की दिव्या गंगवार और तीसरे स्थान पर बसपा से फूल बाबू रहे अब सपा में फूल बाबू आने के बाद से यहां के समीकरण बदल गए हैं।
वर्तमान समय में 130 विधानसभा से समाजवादी पार्टी में गुटबाजी साफ तौर पर देखने को मिल रही है वहीं भाजपा में भी गुटबाजी है अन्य दलों की बात करें तो फूल बाबू के बसपा छोड़ने के बाद से मौजूदा समय में कोई खास चर्चा नहीं हो रही है।
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