JS News 24 / Mon, Jun 29, 2026 / Post views : 377
पीलीभीत:- आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय कुर्मी महासंघ ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल वर्मा ने राजनीतिक दलों को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि जो पार्टी कुर्मी समाज को सबसे अधिक भागीदारी और सम्मान देगी, चुनाव में उसी का सहयोग किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों ने अब तक कुर्मी समाज का केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल और दोहन किया है।
बीसलपुर में संगीता गंगवार के आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए अनिल वर्मा ने कहा, "प्रदेश में कुर्मी मतदाताओं की संख्या काफी अधिक है, इसके बावजूद राजनीतिक रूप से समाज की अनदेखी की जा रही है। अब समाज इस स्थिति को बर्दाश्त नहीं करेगा।" उन्होंने घोषणा की कि अपनी ताकत का अहसास कराने के लिए कुर्मी समाज जल्द ही लखनऊ में एक विशाल रैली का आयोजन करेगा। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) समेत सभी प्रमुख दलों से समाज के लिए अधिक से अधिक टिकटों की मांग की जाएगी।
राम मंदिर चंदे में गड़बड़ी करने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई
एक सवाल के जवाब में प्रदेश अध्यक्ष ने अयोध्या राम मंदिर निर्माण के चंदे में कथित चोरी के मामले पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "पूरे देश के हिंदू जनमानस की आस्था भगवान श्रीराम से जुड़ी है। राम मंदिर के चंदे में हेराफेरी या चोरी करना एक महापाप है। ऐसा करने वालों के खिलाफ सरकार को बेहद सख्त कदम उठाने चाहिए और कड़ी कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।" उन्होंने आगे कहा कि कुर्मी समाज मुख्य रूप से खेती-किसानी से जुड़ा है और इसके बावजूद समाज के लोगों ने राम मंदिर निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर चंदा दिया है, इसलिए जनता की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन