06 Oct 2026
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संगठनात्मक बदलाव की उठाई मांग : पीलीभीत में समाजवादी पार्टी के पूर्व नगर अध्यक्ष ने अखिलेश यादव को लिखा खुला पत्र

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पीलीभीत:- जनपद पीलीभीत में समाजवादी पार्टी के भीतर चल रही संगठनात्मक खींचतान और कार्यकर्ताओं की नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। बीसलपुर (130 विधानसभा) के पूर्व नगर अध्यक्ष मुक़्तदिर हयात खान ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को एक भावुक और तीखा खुला पत्र लिखकर जिले के संगठन में बड़े बदलाव और निष्पक्ष समीक्षा की मांग की है।

अखिलेश यादव को भेजे गए पत्र में पूर्व नगर अध्यक्ष ने भारी मन से पीलीभीत में पार्टी की जमीनी हकीकत को बयां किया है। उन्होंने सीधे तौर पर जिले में बढ़ती गुटबाजी, संवादहीनता और समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षा को लेकर चिंता जताई है। खान ने कहा कि वर्षों से पार्टी के लिए लाठियां खाने और संघर्ष करने वाले कार्यकर्ता आज खुद को संगठन में अलग-थलग महसूस कर रहे हैं, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी निराशा है।

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चुनाव परिणामों के बाद आत्ममंथन न होने पर नाराजगी

मुक़्तदिर हयात खान ने पत्र में लिखा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के परिणामों के बाद यह बेहद जरूरी था कि संगठन अपनी कमियों की समीक्षा करता और आत्ममंथन करता। लेकिन दुर्भाग्यवश, शीर्ष नेतृत्व द्वारा कार्यकर्ताओं की चिंताओं और उनके सुझावों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया, "अगर लगातार मिल रही हार के बाद भी संगठनात्मक कमियों की समीक्षा नहीं होगी, तो फिर कब होगी? यदि जमीनी कार्यकर्ताओं की आवाज़ नहीं सुनी जाएगी, तो फिर किसकी सुनी जाएगी?"

कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत

पूर्व नगर अध्यक्ष ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को याद दिलाया कि चुनाव केवल प्रत्याशी नहीं, बल्कि बूथ पर खड़ा कार्यकर्ता लड़ता है। वही जनमत तैयार करता है और जनता तक पार्टी की नीतियों को पहुंचाता है। जब वही कार्यकर्ता उपेक्षित और अपमानित महसूस करने लगेगा, तो संगठन का कमजोर होना तय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी की असली ताकत उसके झंडे नहीं, बल्कि उसके निष्ठावान कार्यकर्ता हैं।

निरीक्षण और निष्पक्ष समीक्षा की मांग

मुक़्तदिर हयात खान ने कहा कि यह पत्र किसी व्यक्तिगत लाभ, पद या प्रतिष्ठा के लिए नहीं है, बल्कि यह पीलीभीत के उन हजारों कार्यकर्ताओं की आवाज है जो आज भी समाजवादी विचारधारा और अखिलेश यादव के नेतृत्व पर भरोसा रखते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष से विनम्र निवेदन किया है कि पीलीभीत संगठन की तत्काल प्रभाव से किसी निष्पक्ष कमेटी द्वारा समीक्षा कराई जाए, कार्यकर्ताओं की राय सुनी जाए और ऐसे कड़े निर्णय लिए जाएं जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़े और संगठन मजबूत हो।

सपा नेता का यह खुला पत्र सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे जिले की सियासत गरमा गई है। अब देखना यह है कि इस गंभीर पत्र पर सपा का केंद्रीय नेतृत्व क्या कदम उठाता है।

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