05 Oct 2026
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: प्रभु राम ने किया अहंकारी रावण का संहार, देवताओं ने बरसाए फूल

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बीसलपुर: नगर में चल रहे ऐतिहासिक रामलीला मेला में शुक्रवार को दशहरा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। हजारों मेलार्थियों के जनसमूह ने मेला ग्राउंड में अहिरावण व रावण वध लीला के मंचन का आनन्द लिया। असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक रावण का विशालकाय पुतला जलते ही मेला परिसर में जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। देवताओं ने पुष्प वर्षा की। दशहरा महोत्सव में आतिशबाजी प्रतियोगिता आकर्षण का केन्द्र रही। अपराहन चार बजे मेला ग्राउंड में आज की लीला का शुभारम्भ होता है। प्रथम दृश्य में अपने वंशजों के लगातार मारे जाने पर लंकाधिपति रावण ¨चतित हो जाता है और अपने महाबलिशाली पाताल लोक के राजा अहिरावण के पास जाकर उन्हें राम से युद्ध करने को भेजता है। अहिरावण विभीषण का रूप धारण कर राम के शिविर में पहुंच जाता है। सभी वानरों को सम्मोहन मंत्र से बेहोश कर राम-लक्ष्मण को चुराकर पाताल लोक ले जाता है और अपनी यज्ञशाला में दोनों भाइयों की बलि चढ़ाने के लिये यज्ञ करता है। पवन पुत्र हनुमान पाताल लोक पहुंच जाते है। द्वार पर उनके ही अंश मकरध्वज उन्हें रोकने का प्रयास करते है और दोनों के बीच घमासान युद्ध होता है। युद्ध में हनुमान मकरध्वज को परास्त कर बंदी बना लेते है और बाद में अहिरावण की सारी शक्ति क्षीण कर तथा उसका वध कर राम, लक्ष्मण को सकुशल शिविर में वापस ले आते है। अहिरावण की मृत्यु का समाचार पाकर रावण गुस्से से क्रोधित हो उठता है और स्वयं ही रणभूमि में राम से युद्ध करने पहुंच जाता है। रावण आग्नेयास्त्रों से राम की वानर सेना को पछाड़कर भगाने लगता है। राम अपने बाणों से रावण के सिरों व भुजाओं को काटकर धरती पर गिरा देते है। कटी भुजाओं व सिरों की जगह नये सिर व भुजाएं पुन: बन जाते है। जिसे देखकर राम ¨चतित हो उठते है। विभीषण से रहस्य हासिलकर राम एक साथ 31 बाण छोड़ते है जिससे रावण के दसों शीश, बीसों भुजाएं तथा 1 बाण उसके नाभि में लगता है। जिससे नाभि का अमृत सूख जाता है जिससे वह कटे वृक्ष की तरह धरती पर गिर पड़ता है। रावण वध के बाद पीलीभीत के शमशाद आतिशबाज व रामलीला मेला कमेटी द्वारा बेहतरीन आतिशबाजी का प्रदर्शन किया। बाद में मेला ग्राउंड में खड़ा किया गया रावण का विशालकाय पुतला जलाया गया। मेला में मुख्य अतिथि विधायक विवेक वर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह विभाग कारवां भद्रपाल गंगवार, जिला प्रचारक अशोक कुमार, किसान सहकारी चीनी मिल के उपसभापति नरेश चंद्र शर्मा सहित क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित लोग मौजूद रहे। अपरपुलिस अधीक्षक विक्रम दाहिया ने मेला मैदान पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एसडीएम नागेंद्र पांडे, सीओ प्रगति चौहान, प्रभारी निरीक्षक संजीव शुक्ला सहित कई थानों के थानाध्यक्ष, पुलिस बल के साथ लीला मंचन के दौरान स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए थे। लीला का संचालन लीला प्रबन्धक गोपाल कृष्ण अग्रवाल व मनोज त्रिपाठी कर रहे थे। व्यवस्था में अध्यक्ष गंगाधर दुबे, व्यवस्थापक सुरेश चंद्र अग्रवाल, मंत्री महेश चंद्र अग्रवाल, उपाध्यक्ष विष्णु कुमार गोयल, ऑडिटर वीरेंद्र अग्रवाल, वरिष्ठ प्रबंधक मोहित मित्तल, अभय मित्तल, सचिन अग्रवाल, व्यवस्थापक मृदुल त्रिगुणायत, सह मंत्री विपिन कुमार पांडे, कोषाध्यक्ष राम बहादुर गुप्ता, कानूनी सलाहकार अखिलेश मिश्रा एडवोकेट आदि का विशेष सहयोग रहा। पुतले की अस्थियां लेने को उमड़ी भीड़ बीसलपुर दशहरा महोत्सव में रावण का पुतला दहन होते ही उसकी जली हुई अस्तियों को लेने के लिए हजारों की संख्या में लोग मेला मैदान में उमड़ पड़े। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। किंवदंती है कि रावण की जली हुई अस्तियों को घर में रखने से सुख समृद्धि बनी रहती है।

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