JS News 24 / Tue, Sep 30, 2025 / Post views : 60
मालूम हो कि अधिशासी अधिकारी शमशेर सिंह ने रविवार को पालिका कार्यालय में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उपेंद्र कुमार, वसूली कर्ता रामनिवास व बैकलॉग पिछड़ा वर्ग सफाई कर्मचारी जितेंद्र कुमार के विरुद्ध हाउस टैक्स व अन्य मदों की वसूली में घोटाला करने की रिपोर्ट पंजीकृत कराई थी। तीनों कर्मचारी पालिका कार्यालय में पिछले कई वर्षों से गृहकर , जलकर व अन्य मदों की वसूली का कार्य कर रहे हैं। वसूली करने के बाद देनदाताओं के खाते में धनराशि जमा नहीं की गई। आरोप लगाया गया है कि उक्त तीनों कर्मचारियों को वसूली के लिए जारी की गई रसीदें पालिका कार्यालय में जमा करा कर पोस्टिंग करने के निर्देश दिए गए। 24 सितंबर को रामनिवास अपनी कुछ रसीद बुके लेकर आए और बिना किसी को दिखाएं पालिका कार्यालय से चले गए। उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया। 28 सितंबर को चेयरमैन प्रतिनिधि अमन जयसवाल उर्फ निक्की के समक्ष रामनिवास द्वारा बताया गया कि उसके द्वारा 8 से 9 रसीद बुकों का 10 से 11 लाख रुपए की धनराशि जमा नहीं की गई है। उपेंद्र कुमार ने बताया कि उनके द्वारा 7 रसीद बुकों का 8 लाख रुपए पालिका कार्यालय में जमा नहीं किया गया है व जितेंद्र कुमार ने बताया कि दो रसीद बुकों का लगभग 1 लाख रुपए पालिका कार्यालय में जमा नहीं किया गया है। वसूली कार्य में घोटाला करने के आरोप को स्वीकार करने का वीडियो रिकॉर्डिंग व पेन ड्राइव तहरीर के साथ संलग्न की गई है। तीनों कर्मचारियों ने बताया कि उनके द्वारा वर्ष 2018 से वसूली कर जमा किए जाने का कार्य किया जा रहा है। मुकदमे में तत्कालीन सफाई निरीक्षक अंकित वर्मा व कर अधीक्षक उमेश चंद्र आनंद को भी नामजद किया गया है। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि उपेंद्र कुमार रामनिवास व जितेंद्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की अवधि में यह कर्मचारी कार्यालय से अटैच रहेंगे।विज्ञापन
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