JS News 24 / Sat, Mar 11, 2023 / Post views : 71
एक सप्ताह से चल रहे अंतर्राष्ट्रीय महिला सप्ताह के समापन दिवस पर खंड विकास अधिकारी वेद प्रकाश ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा की महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रखने के लिए 4 मार्च से 11 मार्च तक अंतर्राष्ट्रीय महिला सप्ताह का आयोजन किया गया जिसमें महिलाओं को सरकार द्वारा उनके पक्ष में बनाए गए कई कानून के बारे में उन्हें विस्तार से जानकारी दी उन्होंने घरेलू हिंसा का जिक्र करते हुए बताया कि अधिनियम के तहत मुख्य रूप से पुरुष लिव इन पार्टनर या पुरुष द्वारा पत्नी जो घर में रह रही है इसके अलावा मां बहन के साथ की गई घरेलू हिंसा से सुरक्षा संबंधी कोई भी शिकायत दर्ज कराने के लिए महिलाओं को पूरी तरह से उनके अधिकार सुरक्षित है इसके अलावा मातृत्व संबंधी लाभ अधिकार के अंतर्गत मातृत्व लाभ कामकाजी महिलाओं को सिर्फ सुविधा ही नहीं बल्कि यह उनका अधिकार है मातृत्व लाभ के अंतर्गत एक नई मां के प्रसव के बाद 3 माह तक महिला के वेतन में सरकार द्वारा कोई भी कटौती नहीं की जाती है इसके बाद वह अपना काम दोबारा शुरू कर सकती है यदि संबंध में कोई अड़चन आती है तो वह अपने संबंधित उच्चाधिकारी से मिलकर समस्या का समाधान तत्काल करा सकती हैं कन्या भ्रूण हत्या लिंग चयन पूरी तरह से प्रतिबंधित है ऐसा कोई करता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाती है बलात्कार की शिकार महिलाओं को मुफ्त कानूनी मदद पाने का पूरा अधिकार है। संबंधित एस एच ओ को जरूरी है कि वह विधिक सेवा प्राधिकरण को वकील की व्यवस्था कराने को सूचित करें जिससे पीड़ित महिला को वकील द्वारा न्याय दिलाया जाए पुश्तैनी संपत्ति पर जितना अधिकार पुरुष का है उतना महिला का भी है कार्यक्रम का संचालन सूरज शर्मा ने किया जबकि कार्यक्रम में पी एल बी विधिक सेवा की ओर से नीलम शर्मा ,तौफीक रजा खान मौजूद रहे इसके अलावा कार्यक्रम में मृदुला शर्मा, आंगनवाड़ी संघ की अध्यक्ष ममता गंगवार के अतिरिक्त निर्मला देवी ब्रम्हाकुमारी रिंकी देवी रश्मि आशा कुमारी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रही।विज्ञापन
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