: सखिया धार्मिक स्थल पर फिर साधु संतों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना
JS News 24
/
Tue, Oct 14, 2025
/
Post views : 76
बीसलपुर:- क्षेत्र के ग्राम सखिया स्थित धार्मिक स्थल के पास पटृटे की जमीनो पर तारो को खिंचवाकर रास्ता बंद कर देने से महात्माओं के तेवर एक बार फिर उग्र हो गए। उन्होंने पुनः अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
बीसलपुर तहसील क्षेत्र के गांव सखिया में स्थित ढकुलिया बाबा बृह्म देव के नाम से चर्चित धार्मिक स्थल लगातार विवादों के घेरे में घिरता जा रहा है। सोमवार को इस धार्मिक स्थल के पास पेट्टे के खाली पड़े खेतों को ग्रामीणों ने जुतबाकर रास्ता बंद कर दिया। जिससे श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थल तक पूजा अर्चना करने के लिए आने में काफी परेशानी हो रही है। रास्ता बंद किए जाने से साधु संत गुस्सा गए।
मंगलवार को बरेली से आए महात्मा अलखनाथ के नेतृत्व में साधु सतों ने धार्मिक स्थल के रास्ता को बंद किए जाने के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
जूना अखाड़ा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सत्य गिरी महाराज ने बताया कि धार्मिक स्थल के लिए आने बाले मार्ग को बंद कर दिया गया है।
पुलिस व प्रशासन के दबाव में ग्रामीणों द्वारा खेतों में तार लगाकर रास्ता बंद किया गया है। इससे श्रद्धालु पूजा अर्चना करने नहीं आ पा रहे हैं। पुलिस श्रद्धालुओं को लाने वाले गरीब ई रिक्शा चालकों के साथ मारपीट कर रही है। जब तक रास्ता नहीं खोला जाएगा साधु संत धरना जारी रखेंगे। शीघ्र ही भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। उन्होंने जूना अखाड़ा को मामले से अवगत करा दिया है। मालूम हो कि साधु संत धार्मिक स्थल पर पूजा अर्चना किए जाने की अनुमति दिए जाने को लेकर पिछले कई दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे थे।
5 दिन पूर्व एसडीएम से हुई वार्ता के बाद अनशन समाप्त हो गया था। वार्ता में निर्णय लिया गया कि धार्मिक स्थल पर निर्मल गिरी महात्मा रहकर नियमित पूजा अर्चना करेंगे। यहां मेला नहीं लगेगा। धार्मिक स्थल की देखरेख क लिए रजिस्टर्ड कमेटी बनाई जाएगी। इस सहमति के बाद अब धार्मिक स्थल पर पूजा अर्चना करने को श्रद्धालु आने शुरू हो गए थे।
सोमवार को धार्मिक स्थल के पास पेट्टे के खेतों को जुतवाकर ग्रामीणों ने तार लगवा दिए जिससे श्रद्धालु धार्मिक स्थल तक नहीं पहुंच पाए। उन्हें दूसरी रास्तों से काफी परेशानी के बाद यहां तक आना पड़ा।
पिछले शनिवार को एडीएम रितु पूनिया के निर्देश पर सरकारी जमीन पर लगी दुकानों को हटवा दिया गया था, और सभी लोगों को यहां आने पर पूर्णतः रोकलगा दी थी। सुरक्षा की दृष्टि से धार्मिक स्थल के पास अभी भी पुलिस बल तैनात है।